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Bashir Badr : एक हरदिल शायर

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 Bashir Badr : एक हरदिल शायर   बशीर बद्र : उजाले अपनी यादों के .. डॉ॰ बशीर बद्र जिन्हें उर्दू का वह शायर माना जाता है उन्होंने कामयाबी की बुलन्दियों को फतेह कर बहुत लम्बी दूरी तक लोगों के दिलों की धड़कनों को अपनी शायरी में उतारा है। साहित्य और नाटक आकेदमी में किए गये योगदानो के लिए उन्हें १९९९ में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। इनका पूरा नाम सैयद मोहम्मद बशीर है। भोपाल से ताल्लुकात रखने वाले बशीर बद्र का जन्म 12 फरवरी 1935 को कानपुर में हुआ था। वे अपने वालिद के साथ उत्तर प्रदेश के इटावा आ गए थे। इनकी शिक्षा हाफिज मोहम्मद सिद्दकी इंटर कॉलेज से हुई। मशहूर शायर और गीतकार नुसरत बद्र इनके सुपुत्र हैं। डॉ॰ बशीर बद्र पिछले साठ साल से हिन्दी और उर्दू में देश के सबसे मशहूर शायर हैं। दुनिया के दो दर्जन से ज्यादा मुल्कों में मुशायरे में शिरकत कर चुके हैं। बशीर बद्र आम आदमी के शायर हैं। ज़िंदगी की आम बातों को बेहद ख़ूबसूरती और सलीके से अपनी ग़ज़लों में कह जाना बशीर बद्र साहब की ख़ासियत है। उन्होंने उर्दू ग़ज़ल को एक नया लहजा दिया। यही वजह है कि उन्होंने श्रोता और पाठकों के दिलों में अप...

Bhagavad Geeta Bhajan Sandhya

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  Bhagavad Geeta Bhajan Sandhya Bhagavadgeeta Rashtradharma Abhiyaan                                                आज से लगभग ५१६५ साल (3139 BC) पहले महाभारत युद्धारम्भ होने के ठीक पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिया वह श्रीमद्भगवद्गीता के नाम से प्रसिद्ध है। यह महाभारत के भीष्मपर्व का अङ्ग है। गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। गीता में उपनिषद् और ब्रह्मसूत्र भी सम्मिलित हैं। अतएव भारतीय परम्परा के अनुसार गीता का स्थान वही है जो उपनिषद और धर्मसूत्रों का है। उपनिषदों को गौ (गाय) और गीता को उसका दुग्ध कहा गया है। इसका तात्पर्य यह है कि उपनिषदों की जो अध्यात्म विद्या थी, उसको गीता सर्वांश में स्वीकार करती है। उपनिषदों की अनेक विद्याएँ गीता में हैं। जैसे, संसार के स्वरूप के सम्बन्ध में अश्वत्थ विद्या, अनादि अजन्मा ब्रह्म के विषय में अव्ययपुरुष विद्या, परा प्रकृति या जीव के विषय में अक्षरपुरुष विद्या और अपरा प्रकृति या भौतिक जगत के व...